हालात ये हैं कि अकेले मुंबई में कोरोना से 38 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. जिसमें से 1227 लोगों की मौत हो चुकी है.

कोरोना के इस आपातकाल में इस घोर लापरवाही की जिम्मेदार कौन है?

नई दिल्ली: मुंबई में कोरोना की मार सबसे ज्यादा है. पूरे शहर में कर्फ्यू लागू किया गया है. लेकिन इसके बावजूद भी लोग लगातार लापरवाही बरते हुए कोरोना को दावत दे रहे हैं. मुंबई में कांग्रेस नेता चंद्रकांत हंडोरे कोरोना से ठीक होकर घर लौटे तो सैंकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता जमा हुए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और सामाजिक दूरी का नियम तोड़ा.

दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रकात हंडोरे कोरोना के ठीक होकर अस्पताल से घर लौटे. नेता जी के घर लौटने की खबर सुनकर कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी. लोगों ने आतिशबाजी की, ढोल बजाए और जमकर सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ाई.

नेता जी ने हाथ जोड़कर अभिवादन तो स्वीकर कर लिया. लेकिन ना तो लोगों से दो गज की दूरी बनाने के लिए कहा और ना ही कोई अपील की. कार से उतरकर सीधे घर में चले गए. ऐसे में सवाल है कि अगर शहर में लोगों के एक जगह जमा होने की मनाही है तो इतनी भीड़ जमा कैसे हुई? कोरोना के इस आपातकाल में इस घोर लापरवाही की जिम्मेदार कौन है?

कोरोना से मुंबई की हालत खराब

मुम्बई में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 38,442 तक पहुंच गई है. मुम्बई में अब तक कुल 1227 लोगों की मौत हो चुकी है. मुम्बई में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमित 1510 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले 24 घंटे में 54 लोगों की मौत हुई है.

महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या 65000 के पार

महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोरोना के मरीजों की संख्या 65 हजार के पार पहुंच गई है. पिछले 24 घन्टे में 2940 मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद यह 65,168 तक हो गई है. राज्य में एक्टिव मरीजों की अब तक कि कुल संख्या 34,881 वहीं कोरोना संकट काल में पूरे राज्य में 2197 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है.

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