निर्मला सीतारमण ने भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारतीय कंपनियों का औने-पौने दाम में अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा.

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय कंपनियों का अधिग्रहण ‘औने-पौने’ दाम पर नहीं किया जा सके. भारतीय कंपनियों के आक्रामक तरीके से अधिग्रहण को लेकर चिंता के बीच वित्त मंत्री का यह बयान आया है.

‘लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हुए उद्योग’

कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते मांग घटने से दुनियाभर में उद्योग प्रभावित हुए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे में अधिक नकदी रखने वाले खिलाड़ियों के पास सस्ते मूल्यांकन पर कंपनियों को खरीदने का अवसर है.

‘अवसरवादियों के पास ना जाए कंपनी’

वित्त मंत्री ने कहा, “वास्तविकता यही है, लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन कंपनियों को भारतीयों ने अपने पसीने से खड़ा किया है, जिनका ब्रांड मूल्य है, उन्हें ऐसे लोग नहीं खरीद पाएं, जो सिर्फ अवसर का इंतजार कर रहे हैं.”

‘औने-पौने दाम पर नहीं हो कंपनियों का अधिग्रहण’

सीतारमण ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “ऐसे में यही वजह है जिसको लेकर हमें चिंता है. हम निश्चित रूप कुछ करेंगे जिससे भारतीय उद्योगों का अधिग्रहण औने-पौने दाम पर नहीं हो सके. हम चाहते हैं कि सब कुछ सामान्य होने के बाद वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाएं.”

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